सहजन की पोरिचा कुलम्बु

मुरुंगईक्कई पोरिचा कुलम्बु तमिलनाडु की एक पारंपरिक और लोकप्रिय करी है जो हर भोजन में स्वाद और संतुष्टि लाती है। सहजन और ताजा भुने हुए मसालों के पेस्ट से बनी यह गाढ़ी, खट्टी-मसालेदार ग्रेवी दक्षिण भारतीय घरों में विशेष रूप से पसंद की जाती है, खासकर जब आप चावल के साथ कुछ पौष्टिक और स्वादिष्ट खाना चाहते हैं।
इस पोरिचा कुलम्बु की खासियत इसके भुने हुए सुगंधित मसालों में है जिन्हें पीसकर गाढ़ा पेस्ट बनाया जाता है, जो करी को उसका विशिष्ट स्वाद और गहरा रंग देता है। सहजन, जो अपने अनेक स्वास्थ्य लाभों और अनूठे स्वाद के लिए जानी जाती है, मसालों के स्वाद को बखूबी सोख लेती है और व्यंजन में अपनी मिट्टी जैसी मिठास जोड़ती है। इमली का खट्टापन इसमें वह परफेक्ट तीखापन लाता है जो आपको चावल की एक और प्लेट खाने पर मजबूर कर देता है।
चाहे आम दिन का सादा लंच हो या रविवार का खास भोजन, यह सहजन की कुलम्बु हमेशा सबको पसंद आती है। नारियल के हल्के स्वाद के साथ मसालेदार खट्टी ग्रेवी में पकी नरम सहजन गरमागरम चावल के साथ बेहद लाजवाब लगती है। आप चाहें तो सहजन के साथ आलू के टुकड़े भी डाल सकते हैं जो इसे और भी स्वादिष्ट बना देगा।
🛒 सामग्री
👨🍳 विधि
इमली को गुनगुने पानी में १५ मिनट के लिए भिगो दें। गूदा निकालकर छान लें। लगभग २ कप इमली का पानी अलग रख दें।
सहजन को धोकर ३ इंच लंबे टुकड़ों में काट लें। एक तरफ रख दें।
एक कड़ाई में १ बड़ा चम्मच तिल का तेल गरम करें। साबुत धनिया, चना दाल, उड़द दाल और सूखी लाल मिर्च डालें। मध्यम आंच पर तब तक भूनें जब तक दालें सुनहरी न हो जाएं और मसालों से खुशबू न आने लगे।
भुने हुए मसालों में कसा हुआ नारियल डालें और एक मिनट और भूनें जब तक नारियल हल्का सुनहरा न हो जाए। आंच बंद कर दें और ठंडा होने दें।
ठंडा होने पर भुने हुए मसालों और नारियल को थोड़े पानी के साथ बारीक और गाढ़ा पेस्ट बना लें। अलग रख दें।
उसी कड़ाई में बाकी के २ बड़े चम्मच तिल का तेल गरम करें। राई डालें और चटकने दें।
मेथी दाना और करी पत्ता डालें। कुछ सेकंड तक खुशबू आने तक भूनें।
इमली का पानी, हल्दी पाउडर और नमक डालें। उबाल आने दें।
उबलते इमली के पानी में सहजन के टुकड़े डालें। ढककर मध्यम आंच पर १०-१२ मिनट तक पकाएं जब तक सहजन नरम न हो जाए।
कुलम्बु मिर्च पाउडर डालें और अच्छे से मिलाएं। २-३ मिनट तक उबलने दें।
कुलम्बु में पिसा हुआ पोरिचा मसाला पेस्ट डालें। गांठ न पड़े इसलिए अच्छे से मिलाएं।
यदि उपयोग कर रहे हैं तो गुड़ डालें जिससे हल्की मिठास आएगी। कुलम्बु को धीमी आंच पर ५-७ मिनट तक उबलने दें जब तक कच्ची महक खत्म न हो जाए और ग्रेवी गाढ़ी न हो जाए।
नमक और गाढ़ापन देख लें, जरूरत हो तो गरम पानी डालें। कुलम्बु मध्यम गाढ़ी होनी चाहिए।
जब तेल अलग होकर ऊपर तैरने लगे तो आंच बंद कर दें। ताजा करी पत्ता से गार्निश करें।
गरमागरम भात (उबले चावल), एक चम्मच घी और कोई भी पोरियल या अप्पलम के साथ परोसें।
💡 टिप्स और ट्रिक्स
- 💡मसालों को मध्यम आंच पर भूनें ताकि जलें नहीं और उनकी पूरी खुशबू निकल आए। रंग सुनहरा होना चाहिए, गहरा भूरा नहीं।
- 💡आप सहजन के साथ आलू के टुकड़े भी डाल सकते हैं जिससे कुलम्बु और भी पेट भरने वाली बन जाएगी। आलू को मध्यम आकार के टुकड़ों में काटें और सहजन के साथ डालें।
- 💡कुलम्बु ठंडी होने पर गाढ़ी हो जाती है, इसलिए पकाते समय थोड़ी पतली रखें। जरूरत पड़ने पर गरम पानी से गाढ़ापन समायोजित कर सकते हैं।
- 💡सबसे अच्छे खट्टे स्वाद के लिए ताजी इमली का रस निकालें। इमली के पेस्ट का उपयोग करने से बचें क्योंकि यह असली स्वाद नहीं देता।
- 💡तिल का तेल (गिंगेली ऑयल) इस कुलम्बु के असली स्वाद के लिए जरूरी है, लेकिन जरूरत पड़ने पर कोई भी खाना पकाने वाला तेल इस्तेमाल कर सकते हैं।
- 💡कुलम्बु अगले दिन और भी स्वादिष्ट हो जाती है क्योंकि मसालों का स्वाद अच्छे से बैठ जाता है।
Nutrition Info
AI Estimated Values per serving
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